Pages

Friday, February 20, 2009

विभिन्न मोबाइल ब्रांडों के लिए एक चार्ज़र व्यवस्था

द्वारा बिष्ट

कई जागरूक मोबाइल उपभोक्ताओं की ही तरह आप भी अकसर सोचते होंगे, कि हर मोबाइल ब्रांड के लिए उस ही ब्रांड का चार्ज़र न केवल आपकी चार्जिंग समस्या को बढाता है अपितु पर्यावरण को भी नुक्सान पहुंचाता है |

आपका सोचना सही है |

जहाँ ब्रांड निर्भर चार्ज़र, चार्ज़र के अभाव में उपयोगकर्त्ता के लिए एक सिरदर्द से कम नहीं, वहीं "एक ब्रांड एक चार्ज़र" व्यवस्था, पृथ्वी पर निरंतर बढ़ते टेक कचरे को और अधिक बढाती है |

ऐसा नहीं है कि इन विसंगतियों का आभास मोबाइल निर्माताओं को नहीं है | परन्तु "विभिन्न मोबाइल ब्रांडों के लिए एक चार्ज़र व्यवस्था" को न लागू कर पाने के पीछे उद्योग कि कुछ मूर्त समस्यायें और स्वहित हैं | जो इस प्रकार हैं:

--कुछ मोबाइल निर्माताओं के पास चार्जिंग की उच्च एंव नवीन प्रोद्योगिकी है | यद्यपि ये निर्माता चार्जिंग उपकरण की बिक्री से मुनाफा नहीं कमाना चाहते; परन्तु वे किसी तीसरे व्यक्ति को अपनी उन्नत चार्जिंग प्रोद्योगिकी से मुनाफा भी नहीं कमाने देना चाहते | एप्पल इसका उत्तम उदहारण है |

--विभिन्न ब्रांड्स के लिए एक अडाप्टर(चार्ज़र) इस लिए भी मुश्किल है, क्योंकि चार्ज़र निर्माण अधिकाँश निर्माताओं के लिए एक मुनाफे की क्रिया है |

उपरोक्त लिखित कारणों के बावजूद, इस दिशा में कुछ पहल अवश्य हो रही हैं |

मोबाइल संचार उद्योग के हितों का प्रसार करने वाले संगठन, जी एस एम ए, ने बीते मंगलवार को यह घोषणा की है की "वर्ष 2012 तक सभी नए मोबाइल फोनों के लिए एक सार्वभौम चार्ज़र का मानक लागू कर दिया जाएगा" |

यह सराहनीय है की अब तक 17 निर्मात्ता इस पहल से जुड़ चुके हैं | जुड़ने वालों में प्रमुख नाम हैं -- एल जी, मोटोरोला, नोकिया, और सैमसंग |

पहल से बाहर रहने वाले प्रमुख नाम हैं -- एप्पल और रिसर्च इन मोशन |

एक जागरूक उपभोक्ता और एक जागरूक पृथ्वी वासी होने के नाते इस पहल को बहुत बहुत साधुवाद |


===========O============

"एक जागरूक उपभोक्ता और एक जागरूक पृथ्वी वासी होने के नाते आपके वर्त्तमान व्यवस्था के विषय में क्या विचार हैं | विभिन्न ब्रांडों के लिए एक सार्वभोम चार्ज़र अवधारणा को बाधित करने वाले अन्य कौन से कारण हो सकते हैं और क्या इस पहल से भी सार्थक कोई अन्य पहल हो सकती है |"

आइये टेक पत्रिका कम्युनिटी पर इस विषय में जीवंत चर्चा करें |

=======================================
ऑनलाइन सर्वेक्षणों में अपनी राय व्यक्त कीजिये

0 comments: