द्वारा अ बिष्ट
रॉयटर्स की एक ख़बर, के अनुसार, जिसमें तथ्य अमेरिकी शोध फर्म गार्टनर के शोध से उठाये गए है,
वैश्विक कंप्यूटिंग उद्योग का वैश्विक कार्बन उत्सर्जन(इमिशन) में 2 प्रतिशत का योगदान है |
वैश्विक विमानन उद्योग का योगदान भी 2 प्रतिशत ही है |
कार्बन उत्सर्जन(इमिशन) को कम करने के उद्देश्य से(पैसा भी बचेगा), कई आई टी कंपनियां ऐसे उत्पाद बना या बेहतर कर रही हैं जो ऊर्जा की बर्बादी को रोकेंगे और कार्बन उत्सर्जन को भी कम करेंगे | अधिकाँश कम्पनियाँ , ऐसी तकनीक पर काम कर रही हैं जो कम्प्यूटर्स और उपकरणों को जब आवश्यकता न हो तब स्वतः बंद कर पाने में सक्षम हो | इस प्रकार न केवल उत्सर्जन काम होंगे बल्कि धन और ऊर्जा की भी बचत होगी |
रोचक तथ्य:
एक उद्योग जानकार के अनुसार,
यू के, यू एस और जर्मनी के आधे कंप्यूटर सदैव चलते रहते हैं | यदि ये कंप्यूटर आवश्यकता न होने पर बंद (स्विच ऑफ़) कर दिए जांए तो अकेले यू के में ही लगभग 115 मिलियन पौंड्स या रुपये 805 करोड़ की बचत होगी |
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