द्वारा अ बिष्ट
अलर्ट पे और पेपैल सरीखे ऑनलाइन भुगतान सेवाएँ, इन्टरनेट पर धन स्थानांतरण का एक लोकप्रिय माध्यम हैं | एक साधारण पेपैल, अलर्ट पे अथवा मनी ग्राम खाता खोलते ही, खाता धारक न केवल विश्व के किसी भी स्थान से धन प्राप्त कर सकता है बल्कि इन्टरनेट पर विद्यमान अनगिनत उत्त्पादों एंव सेवाओं को क्रय भी कर सकता है | ऐसे व्यक्ति जो नेट पर कोई उत्त्पाद अथवा सेवा उपलब्ध कराते हैं; या किसी वेबसाइट या ब्लॉग के माध्यम से धन अर्जन करते है या इसके लिए प्रयासरत हैं, उनके लिए ऑनलाइन भुगतान सेवाओं की महत्ता असीम है |
उपरोक्त सभी कारणों के फलस्वरूप कोई आश्चर्य नहीं कि ऑनलाइन भुगतान सेवाओं का क्षेत्र उद्यमियों के लिए बहुत आकर्षक है |
कुछ समय पूर्व एक नए खिलाड़ी ने इस क्षेत्र में पदार्पण किया है | पे बॉक्स नामक यह ऑनलाइन भुगतान सेवा, औद्योगिकी से सम्बंधित कई नामी उद्यम पूंजीदाताओं (वेंचर कैपिटलिस्ट) के धन से पोषित है | लक्ष्य है, वर्ष २०११ के उत्तरार्ध में विश्व कि सर्वश्रेष्ठ ऑनलाइन भुगतान सेवा का प्रारंभ करना | वर्त्तमान समय में पे बॉक्स अपने द्वितीय चरण में है | इस चरण में पे बॉक्स प्रतिस्पर्धियों से धारक आकर्षित कर रहा है और इस धारकों को सेवा का प्रयोग करने और उसे प्रचारित करने पर धन लाभ करा रहा है | पे बॉक्स में पंजीकरण मुफ्त है इसके अतिरिक्त, खाता खोलते ही धारक के खाते में पचास अमरीकी डॉलर पे बॉक्स कि और से डाल दिये जाते हैं | इस प्रारंभिक धन प्राप्ति के पश्चात, एक धारक नियमित रूप से ५ से २० डॉलर प्रतिदिन अर्जित कर सकता है , परन्तु इसके लिए उससे सेवा को प्रचारित, नियमित लोगिन और अन्य साधारण परन्तु महत्त्वपूर्ण संकल्पनों में भाग लेना आपेक्षित है | ऐसा न करने पर, पे बॉक्स खाते को रद्द करने का अधिकार अपने पास सुरक्षित रखता है | अतः यदि आप नियमित रूप से दिन में एक बार इन्टरनेट उपयोग करते हैं; तो यह अवसर आपके लिए है | बिना चूक पे बॉक्स में खाता खोलें |
यदि, आप अपरोक्त धन लाभ स्तर से आशंका में पड़ गए हैं, तो इस तथ्य पर गौर करें और यदि चाहें तो इस तथ्य कि पड़ताल भी करें:
ऑनलाइन भुगतान सेवा वर्त्तमान और भविष्य कि सर्वाधिक लाभ दिलाने वाला खेत्र हैं | ई वाणिज्य के धुरंदर खिलाड़ी जैसे अमेज़न, ई बी, एप स्टोर इत्यादि भी इस क्षेत्र को अपने वश में करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं | अतः पर्याप्त रूप से पोषित पे बॉक्स यदि अपने वेब संबोधन में यह कहता है : कि सेवा के विधिवत उद्दघाटन तक आप अपने खाते में एक पैसा जमा किया बिना ही हजारों डॉलर एकत्रित कर लें, तो इस विषय में मरा शोध और अनुभव, इस संबोधन को स्लेश्मात्र भी विवादित नहीं मानता |
कोई और रोचक संकल्पना अगले लेख में |
Friday, November 19, 2010
Thursday, November 18, 2010
भारत में भारती एयरटेल ग्राहकों की संख्या -- नवम्बर 2010 तक
द्वारा अ बिष्ट
भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी, भारती एयरटेल ने कल, विश्वभर में २० करोड़ ग्राहक संख्या को पार कर लिया | इन ग्राहकों में से 15 करोड़ ग्राहक भारत में हैं |
इस सूचना के अतिरिक्त्त, कंपनी ने यह भी उजागर किया, कि कंपनी की इस वर्ष के अंत तक भारत में ३ग़ सेवाएँ चालू करने की योजना है |
भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी, भारती एयरटेल ने कल, विश्वभर में २० करोड़ ग्राहक संख्या को पार कर लिया | इन ग्राहकों में से 15 करोड़ ग्राहक भारत में हैं |
इस सूचना के अतिरिक्त्त, कंपनी ने यह भी उजागर किया, कि कंपनी की इस वर्ष के अंत तक भारत में ३ग़ सेवाएँ चालू करने की योजना है |
Saturday, November 13, 2010
भारत वित्तीय शीर्ष सम्मलेन से पहले भारतीय सूचना एंव संचार प्रोद्योगिकी ढांचे पर एक दृष्टि
द्वारा अ बिष्ट
इस सप्ताह होने वाले भारतीय वित्तीय शीर्ष सम्मलेन से पहले, भारतीय सूचना एंव संचार प्रोद्योगिकी ढांचे पर एक दृष्टि,
डब्लू ई ऍफ़ के एक अध्ययन के अनुसार,
वर्त्तमान समय में भारतीय मोबाइल टेलिकॉम क्षेत्र में उछाल की स्थिति है, गत दो वर्षों के अंतराल में भारत में मोबाइल धारकों की संख्या 30 करोड़ से 60 करोड़ हो गयी है | यह मोटे तौर पर देश की जनसँख्या का 60 प्रतिशत है |
जहाँ भारत, चीन के बाद, विश्व का दुसरे सबसे बड़े मोबाइल टेलिकॉम बाज़ार के रूप में उभरकर आया है ; कम्प्यूटर और इन्टरनेट की पहुँच की दृष्टि से भारत अभी काफी पीछे है | वर्ष 2009 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में प्रति 100 व्यक्ति, 5.1 इन्टरनेट उपयोगकर्ता हैं | इसकी तुलना में चीन और ब्राज़ील में यह आंकड़ा 28.9 और 39.2 है |
डब्लू ई ऍफ़ के आंकलन के अनुसार , भारत, जिसकी ४२ प्रतिशत जनसँख्या अति दरिद्रता में जीवन यापन करती है ( दिन की औसत आमदनी ५८ रुपये), को अभी अपने सूचना और संचार प्रौद्योगिकी ढांचे में बहुत विकास करना है | यह लोगों के जीवन स्तर को उन्नत करने के लिए आवश्यक है |
डब्लू ई ऍफ़ नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स में भारत को 43 वां स्थान पाने पर ( 133 देशों की सूची), चीन(37 वां) और ब्राज़ील(61 वां), डब्लू ई ऍफ़ का मानना है , की भारत के लिए "आंकड़ों और यथार्थ में बहुत अंतर है " |
भारतीय सूचना और संचार प्रौद्योगिकी क्षेत्र 50 बिलियन डालर या 2,30,000 करोड़ रुपये है |
इस सप्ताह होने वाले भारतीय वित्तीय शीर्ष सम्मलेन से पहले, भारतीय सूचना एंव संचार प्रोद्योगिकी ढांचे पर एक दृष्टि,
डब्लू ई ऍफ़ के एक अध्ययन के अनुसार,
वर्त्तमान समय में भारतीय मोबाइल टेलिकॉम क्षेत्र में उछाल की स्थिति है, गत दो वर्षों के अंतराल में भारत में मोबाइल धारकों की संख्या 30 करोड़ से 60 करोड़ हो गयी है | यह मोटे तौर पर देश की जनसँख्या का 60 प्रतिशत है |
जहाँ भारत, चीन के बाद, विश्व का दुसरे सबसे बड़े मोबाइल टेलिकॉम बाज़ार के रूप में उभरकर आया है ; कम्प्यूटर और इन्टरनेट की पहुँच की दृष्टि से भारत अभी काफी पीछे है | वर्ष 2009 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में प्रति 100 व्यक्ति, 5.1 इन्टरनेट उपयोगकर्ता हैं | इसकी तुलना में चीन और ब्राज़ील में यह आंकड़ा 28.9 और 39.2 है |
डब्लू ई ऍफ़ के आंकलन के अनुसार , भारत, जिसकी ४२ प्रतिशत जनसँख्या अति दरिद्रता में जीवन यापन करती है ( दिन की औसत आमदनी ५८ रुपये), को अभी अपने सूचना और संचार प्रौद्योगिकी ढांचे में बहुत विकास करना है | यह लोगों के जीवन स्तर को उन्नत करने के लिए आवश्यक है |
डब्लू ई ऍफ़ नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स में भारत को 43 वां स्थान पाने पर ( 133 देशों की सूची), चीन(37 वां) और ब्राज़ील(61 वां), डब्लू ई ऍफ़ का मानना है , की भारत के लिए "आंकड़ों और यथार्थ में बहुत अंतर है " |
भारतीय सूचना और संचार प्रौद्योगिकी क्षेत्र 50 बिलियन डालर या 2,30,000 करोड़ रुपये है |
इस संसार में वायरस कहाँ से आते हैं
द्वारा अ बिष्ट
उत्तर है: मुख्यतः संयुक्त राज्य अमरीका और ब्राज़ील से |
एक नियमित अध्ययन के अनुसार, अगस्त २०१० माह में जहाँ,
संयुक्त राज्य अमरीका ने विषय में सर्वाधिक कम्प्यूटर वायरस सृजन और प्रसारित किये ; ब्राज़ील विश्व का सबसे बड़ा स्पैम स्रोत रहा |
अगस्त माह में, प्रत्येक १०० में से १६ वायरसों का स्रोत अमरीका था | स्पैम के क्षेत्र में, शीर्ष पर विराजमान, ब्राज़ील ने इस अवधि के दौरान विश्व के कम्प्यूटरों को प्रत्येक १०० में से १२ स्पैम प्रेषित किये |
घुसपैठी हमलों में (एक सर्वाधिक स्तर तक हानि पहुँचाने वाली जालसाजी) के क्षेत्र में उक्त माह में दक्षिण कोरिया अग्रणी रहा | उक्त माह के समस्त घुसपैठी हमलों में से १७ प्रतिशत दक्षिण कोरिया से प्रेषित किये गए |
उपरोक्त्त अंतराल में दक्षिण कोरिया की स्पैम और अन्य दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों के क्षेत्र में भी भूमिका रही | यह और अन्य सूक्ष्म विवरण यहाँ हैं |
उत्तर है: मुख्यतः संयुक्त राज्य अमरीका और ब्राज़ील से |
एक नियमित अध्ययन के अनुसार, अगस्त २०१० माह में जहाँ,
संयुक्त राज्य अमरीका ने विषय में सर्वाधिक कम्प्यूटर वायरस सृजन और प्रसारित किये ; ब्राज़ील विश्व का सबसे बड़ा स्पैम स्रोत रहा |
अगस्त माह में, प्रत्येक १०० में से १६ वायरसों का स्रोत अमरीका था | स्पैम के क्षेत्र में, शीर्ष पर विराजमान, ब्राज़ील ने इस अवधि के दौरान विश्व के कम्प्यूटरों को प्रत्येक १०० में से १२ स्पैम प्रेषित किये |
घुसपैठी हमलों में (एक सर्वाधिक स्तर तक हानि पहुँचाने वाली जालसाजी) के क्षेत्र में उक्त माह में दक्षिण कोरिया अग्रणी रहा | उक्त माह के समस्त घुसपैठी हमलों में से १७ प्रतिशत दक्षिण कोरिया से प्रेषित किये गए |
उपरोक्त्त अंतराल में दक्षिण कोरिया की स्पैम और अन्य दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों के क्षेत्र में भी भूमिका रही | यह और अन्य सूक्ष्म विवरण यहाँ हैं |
Labels:
जानकारी ही बचाव है,
विश्व में अग्रणी
Thursday, November 11, 2010
वर्त्तमान समय की कुछ सर्वाधिक लोकप्रिय और उन्नत कंपनियों की कर्मचारी संख्या में गत एक वर्ष में हुई बढ़ोत्तरी
जहाँ गूगल को अपनी विकास गति धीमी होने, अपने बड़े आकार और जनता की पूँजी लगाने के कारण, अपने सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा के पलायन की स्थिति से निपटना पड़ रहा है; ऐसी सभी कंपनियां जो वर्त्तमान समय में नौकरी के इच्छुकों की पहली पसंद हैं तेजी से अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ा रही हैं | इन कर्मचारियों में गूगल और उस सरीखे बड़ी टेक कंपनियों की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं भी शामिल हैं |
परन्तु ऐसा नहीं है की गूगल अपने प्रतिभा पलायन को मूक दर्शक बना देख रहा है | गूगल भी तेजी से अपनी प्रतिभा कोष में वृद्धि कर रहा है | इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु, वह न केवल मोटे वार्षिक वेतन पर टेक धुरंदरों को अपनी वेतन सूची में ला रहा है (स्टेनफोर्ड विश्विद्यालय से हाल ही में प्रौद्योगिकी स्नातक बने एक विद्यार्थी पर कंपनियों की ऐसी होड़ लगी; की वे उसे १ लाख ७५ हज़ार अमरीकी डॉलर तक मासिक वेतन देने को राजी हो गए; अंततः उसने एक तेजी से बढती छोटी कंपनी में १ लाख २५ हज़ार अमरीकी डॉलर के वेतन पर कार्य करना तय किया| एक औसत स्टेनफोर्ड स्नातक को प्रस्तुत किया जाने वाला वेतन इससे बहुत कम नहीं है ); इसके लिए गूगल वेतन आकर्षण के अतिरिक्त, उभरती हुई टेक कंपनियों का अधिग्रहण कर प्रतिभा तक पहुँचाने की रणनीति भी अपना रहा है|
वर्त्तमान समय की कुछ सर्वाधिक लोकप्रिय और उन्नत कंपनियों की कर्मचारी संख्या में गत एक वर्ष में हुई बढ़ोत्तरी |
परन्तु ऐसा नहीं है की गूगल अपने प्रतिभा पलायन को मूक दर्शक बना देख रहा है | गूगल भी तेजी से अपनी प्रतिभा कोष में वृद्धि कर रहा है | इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु, वह न केवल मोटे वार्षिक वेतन पर टेक धुरंदरों को अपनी वेतन सूची में ला रहा है (स्टेनफोर्ड विश्विद्यालय से हाल ही में प्रौद्योगिकी स्नातक बने एक विद्यार्थी पर कंपनियों की ऐसी होड़ लगी; की वे उसे १ लाख ७५ हज़ार अमरीकी डॉलर तक मासिक वेतन देने को राजी हो गए; अंततः उसने एक तेजी से बढती छोटी कंपनी में १ लाख २५ हज़ार अमरीकी डॉलर के वेतन पर कार्य करना तय किया| एक औसत स्टेनफोर्ड स्नातक को प्रस्तुत किया जाने वाला वेतन इससे बहुत कम नहीं है ); इसके लिए गूगल वेतन आकर्षण के अतिरिक्त, उभरती हुई टेक कंपनियों का अधिग्रहण कर प्रतिभा तक पहुँचाने की रणनीति भी अपना रहा है|
वर्त्तमान समय की कुछ सर्वाधिक लोकप्रिय और उन्नत कंपनियों की कर्मचारी संख्या में गत एक वर्ष में हुई बढ़ोत्तरी |
Wednesday, November 10, 2010
ए एम डी ने ओंटारियो को भेजना आरम्भ किया
ए एम डी या एडवान्स्ड माइक्रो डिवायसेज़, ने अपनी फ्यूज़न श्रेणी के प्रथम प्रोसेसर्स, ओंटारियो, को कम कीमत के नोटबुक निर्माताओं को भेजना आरम्भ कर दिया है | ए एम डी के फ्यूज़न प्रोसेसर की खास बात यह है कि इनमें ग्राफिक्स और सेंट्रल प्रोसेसिंग एक ही चिप पर हैं | साधारणतया ये दोनों इकाइयाँ, किसी कम्प्यूटर पर अलग अलग स्थानों पर होती हैं | कंपनी का दावा है कि ऐसा करने से चिप कि कार्यक्षमता में वृद्धि होती है |
ओंटारियो लगे नोटबुक्स बाज़ार में जनवरी २०११ से आने प्रारभ हो जायेंगे, जिनकी कीमत १५००० से ३०,००० रुपये होगी |
ओंटारियो लगे नोटबुक्स बाज़ार में जनवरी २०११ से आने प्रारभ हो जायेंगे, जिनकी कीमत १५००० से ३०,००० रुपये होगी |
Saturday, January 30, 2010
अपने वर्त्तमान ब्लॉग को मोबाईल के लिए चुटकियों में तैयार करें
समूचे विश्व में स्मार्टफोन की बढती लोक्रियता के कारण, मोबाइल पर ब्लॉग पढने वालों की संख्या निरंतर बढ़ रही है | बड़ी वेबसाइट एंव ब्लॉग पहले ही मोबाइल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर चुके हैं | एक ब्लॉग लेखक होने के नाते, आप इस मोबाइल ब्लॉगिंग क्रांति से अछूते क्यों रहे |
आप भी अपने वर्त्तमान ब्लॉग का मोबाइल संस्करण चुटकियों में बनाएं | कैसे ? जानने के लिए यहाँ क्लिक करें |
आप भी अपने वर्त्तमान ब्लॉग का मोबाइल संस्करण चुटकियों में बनाएं | कैसे ? जानने के लिए यहाँ क्लिक करें |
